स्वयं सहायता समूहों ने ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन और सामाजिक न्याय को मजबूत कर भारत के विकास मॉडल को नई दिशा दी है। BulletsIn स्वयं सहायता समूहों की स्थापना महिलाओं और वंचित समुदायों को आर्थिक अवसर, उद्यमिता और स्थायी आजीविका प्रदान करने हेतु की गई। ये समूह आर्थिक स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय, ग्राम स्वशासन




