विश्व असमानता प्रयोगशाला और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की क्लाइमेट इनइक्वैलिटी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, दुनिया के सबसे अमीर 1% लोग निजी पूंजी से जुड़े 41% उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि जलवायु वित्त को अधिक न्यायसंगत नहीं बनाया गया, तो वैश्विक असमानता और बढ़ेगी तथा गरीबों को जलवायु




