सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को पश्चिम सिंहभूम स्थित सरांडा जंगल को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने का निर्देश दिया है, ताकि खनन दबावों के बीच इसकी दुर्लभ जैव विविधता, आदिवासी संस्कृति और नाजुक पारिस्थितिकी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
BulletsIn:
* सुप्रीम कोर्ट का आदेश—सरांडा जंगल अब वन्यजीव अभयारण्य बने
* एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक साल जंगल; क्षेत्र लगभग 820–900 वर्ग किमी
* पश्चिम सिंहभूम में स्थित; छोटानागपुर जैव-भौगोलिक क्षेत्र का हिस्सा
* संकटग्रस्त साल फॉरेस्ट कछुआ, चार-सींग वाला हिरण, पाम सिवेट का आवास
* हाथी कॉरिडोर की सुरक्षा; वैज्ञानिक प्रबंधन से संरक्षण मजबूत
* हो, मुंडा, उरांव आदिवासी समुदायों की जीवन रेखा
* अभयारण्य बनने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कड़े नियम
* क्षेत्र में खनन दबाव अधिक; भारत के लोहे के भंडार का ~26% यहीं
* कोर्ट का रुख—पर्यावरण को खनन से ऊपर प्राथमिकता
* समुदाय आधारित संरक्षण से सुरक्षा प्रयास और प्रभावी होंगे





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.