रूस ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “पेपर टाइगर” बयान को खारिज किया। क्रेमलिन ने कहा कि ट्रंप एक बिज़नेसमैन की तरह दुनिया को महंगा अमेरिकी तेल और गैस खरीदने पर मजबूर कर रहे हैं। यह बयान ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र भाषण के बाद आया, जिसमें उन्होंने रूस, चीन, भारत और यूरोप को ऊर्जा और यूक्रेन युद्ध को लेकर निशाना बनाया।
BulletsIn
- क्रेमलिन बोला, ट्रंप बिज़नेसमैन, महंगा अमेरिकी तेल थोप रहे
- ट्रंप ने कहा, चीन-भारत रूसी तेल खरीदकर युद्ध को फंड कर रहे
- ट्रंप ने यूरोप से तुरंत रूसी ऊर्जा खरीद बंद करने की मांग की
- ट्रंप ने चेताया, युद्ध न रुका तो रूस पर नए कड़े टैरिफ लगेंगे
- जुलाई में ट्रंप ने भारतीय सामान पर 25% टैरिफ लगाया
- बाद में टैरिफ 50% किया, कारण भारत का रूसी तेल आयात
- क्रेमलिन ने ‘पेपर टाइगर’ टिप्पणी खारिज की, कहा ‘पेपर बियर नहीं होता’
- रूस ने कहा अर्थव्यवस्था स्थिर, कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां
- पेस्कोव: 2022 से शुरू ऑपरेशन जारी, कोई विकल्प नहीं
- रूस बोला- युद्ध राष्ट्रीय हित और आने वाली पीढ़ियों के लिए
- रूस-अमेरिका संबंध बेहद कमजोर, सुधार की कोशिशें बेअसर





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.