शुक्रवार को मुंबई में रुपया भारी गिरावट के साथ 89.54 प्रति डॉलर के स्तर तक फिसला, जिसका कारण व्यापार समझौते में देरी, अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंका और RBI की अनुपस्थिति रही।
BulletsIn
* रुपया इंट्राडे में 89.54 पर गिरा, 89.49 पर नई रिकॉर्ड कमजोरी के साथ बंद।
* भारत–अमेरिका व्यापार समझौते में देरी और प्रतिबंध जोखिम से दबाव बढ़ा।
* 88.80 स्तर टूटते ही RBI पीछे हटा, जिससे तेज़ शॉर्ट स्क्वीज़ हुआ।
* एक दिन में 0.9% गिरावट, वर्ष 2025 की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट।
* रुपये की गिरावट से बॉन्ड यील्ड 4 बेसिस पॉइंट बढ़ी।
* एशियाई मुद्राओं में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली करेंसी बना रुपया।
* अमेरिकी shutdown के कारण डेटा की कमी; फेड के दर कटौती की उम्मीद घटी।
* शॉर्ट पोज़ीशन में फंसे ट्रेडर्स की घबराहट ने गिरावट और बढ़ाई।
* व्यापार समझौता होने पर चालू खाते पर दबाव कम होने की उम्मीद।
* RBI के forex बचाव में भारी खर्च; फॉरवर्ड शॉर्ट पोज़ीशन लगभग 70 अरब डॉलर।





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