भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के क्वाड समूह ने नई दिल्ली बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग, रणनीतिक बंदरगाह विकास और सप्लाई चेन मजबूती के लिए 5 बड़ी पहलों की घोषणा की।
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- क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता, बुनियादी ढांचा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए 5 प्रमुख पहल शुरू कीं।
- समूह ने इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (IPMDA) ढांचे का विस्तार करते हुए क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की रियल-टाइम निगरानी को मजबूत करने की घोषणा की।
- नई इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस कोऑपरेशन पहल के तहत क्वाड देशों की निगरानी प्रणालियों को एकीकृत किया जाएगा।
- क्वाड ने “पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर” साझेदारी शुरू की, जिसके पहले पायलट प्रोजेक्ट की मेजबानी फिजी करेगा।
- भारत अगले क्वाड एट-सी मिशन की मेजबानी करेगा, जिसमें तटरक्षक बलों के संयुक्त समुद्री अभियान और सहयोग शामिल होंगे।
- इंडो-पैसिफिक एनर्जी सिक्योरिटी इनिशिएटिव के तहत ईंधन आपूर्ति सुरक्षा, नीति समन्वय और आपातकालीन तैयारी को मजबूत किया जाएगा।
- भारत और अमेरिका ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों में उपयोग होने वाले क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई चेन सहयोग को बढ़ाया।
- क्वाड देशों ने मुक्त, खुला, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए समुद्री व्यापार सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर जोर दिया।





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