प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ₹1 लाख करोड़ की अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को सशक्त बनाना और स्थानीय तकनीक पर आधारित उत्पाद विकास को बढ़ावा देना है। यह योजना, जिसे बजट FY26 में घोषित किया गया था, उच्च जोखिम और उच्च प्रभाव वाले प्रोजेक्ट्स को फंड देगी, विशेष रूप से निजी क्षेत्र में।
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- ₹1 लाख करोड़ की RDI योजना से अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
- मोदी ने बताया — R&D खर्च दोगुना, पेटेंट 17 गुना बढ़े, भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम।
- अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) की स्थापना की घोषणा।
- पहली बार निजी क्षेत्र के उच्च जोखिम वाले अनुसंधान को पूंजी सहायता।
- 6,000 डीप-टेक स्टार्टअप्स स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीकों में अग्रणी।
- भारत की बायो-इकोनॉमी 2014 के $10 अरब से बढ़कर $140 अरब हुई; प्रगति सेमीकंडक्टर, क्वांटम और ग्रीन हाइड्रोजन में।
- महिलाओं के पेटेंट आवेदन 100 से बढ़कर 5,000+ प्रति वर्ष; STEM में 43% नामांकन वैश्विक औसत से अधिक।
- 25,000 नए अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित होंगे, 1 करोड़ बच्चों को जोड़ने का लक्ष्य।
- 10,000 प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप्स पाँच वर्षों में दी जाएंगी।
- मोदी ने नैतिक AI विकास पर बल दिया, ₹10,000 करोड़ इंडिया AI मिशन और ग्लोबल AI समिट 2026 की घोषणा की।
- “जय विज्ञान, जय अनुसंधान” के साथ नवाचार-प्रधान भारत के भविष्य पर भरोसा जताया।





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