भारत के राष्ट्रपति की वीटो शक्ति: कानून निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संवैधानिक नियंत्रण | BulletsIn
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भारत के राष्ट्रपति को अनुच्छेद 111 के तहत वीटो शक्ति प्राप्त है, जिससे वे संसद द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी, अस्वीकार या पुनर्विचार हेतु भेज सकते हैं।
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विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही कानून बनता है
राष्ट्रपति विधेयक को स्वीकार, अस्वीकार या वापस भेज सकते हैं
यह शक्ति संसद पर नियंत्रण का कार्य करती है
पूर्ण वीटो में मंजूरी न देकर विधेयक समाप्त
निलंबन वीटो में विधेयक पुनर्विचार के लिए लौटाया जाता है
पुनः पारित होने पर राष्ट्रपति को मंजूरी देना अनिवार्य
जेब वीटो में कोई निर्णय नहीं, विधेयक लंबित रहता है
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