मंदिर प्रवेश आंदोलन 20वीं सदी की शुरुआत में भारत में जातीय भेदभाव के खिलाफ एक बड़ा सामाजिक आंदोलन था। अंबेडकर, पेरियार और केलप्पन जैसे नेताओं ने मंदिरों में दलितों को प्रवेश दिलाने के लिए सत्याग्रह का सहारा लिया। आंदोलन से कई राज्यों में मंदिर सुधार हुए। BulletsIn उद्देश्य: मंदिरों में जाति आधारित प्रतिबंध और अस्पृश्यता













