गृह मंत्रालय ने एफसीआरए नियमों में संशोधन कर विदेशी अनुदान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के लिए पारदर्शिता, निगरानी और अनुपालन संबंधी प्रावधानों को और मजबूत बनाया है।
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- गृह मंत्रालय ने 22 और 23 जून 2026 को विदेशी अंशदान विनियमन नियम, 2011 में दसवें संशोधन की अधिसूचना जारी की।
- संशोधित नियमों का उद्देश्य विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाली संस्थाओं, न्यासों, समितियों और संगठनों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
- भारतीय मूल के व्यक्तियों को छोड़कर विदेशी नागरिकों को प्रमुख पदाधिकारियों के रूप में रखने वाली संस्थाएं सामान्यतः पंजीकरण के लिए पात्र नहीं होंगी।
- विशेष परिस्थितियों में केंद्र सरकार को ऐसे मामलों में अनुमति प्रदान करने का अधिकार संशोधित नियमों के अंतर्गत प्राप्त रहेगा।
- प्रमुख पदाधिकारी की परिभाषा में निदेशक, न्यासी, साझेदार, कर्ता तथा संस्था के प्रबंधन को नियंत्रित करने वाले व्यक्तियों को शामिल किया गया है।
- पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं को 105 स्वीकृत धार्मिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों में से उद्देश्य चुनना होगा।
- संस्थाओं को उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का विवरण भी देना होगा जहां विदेशी अंशदान से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
- संशोधित नियमों में धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों को पात्र श्रेणियों से बाहर रखा गया है तथा सामाजिक माध्यम खातों का विवरण देना अनिवार्य किया गया है।





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