मंगलवार, 24 मार्च को वैश्विक तेल कीमतों में तेज बढ़त दर्ज हुई, जब ईरान ने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर अमेरिका के वार्ता दावे को खारिज कर दिया। एक दिन पहले आई भारी गिरावट के बाद यह उछाल फिर से आपूर्ति जोखिम की आशंकाओं के कारण आया, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। ब्रेंट कच्चा तेल सुबह के कारोबार में लगभग 103.9 से 104 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई 91 डॉलर से ऊपर रहा।
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- ब्रेंट कच्चे तेल का दाम मंगलवार सुबह लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 103.94 से 103.98 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा।
- अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल भी बढ़कर लगभग 91.4 से 91.6 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।
- सोमवार को कीमतों में तेज गिरावट आई थी, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ गहन और प्रगतिशील वार्ता का दावा किया था।
- ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया और वरिष्ठ ईरानी पक्षों ने वार्ता संबंधी खबर को गलत बताया।
- ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर नए हमलों से तनाव फिर बढ़ गया।
- बाजार की सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य है, जिससे दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और गैस गुजरता है।
- ऊर्जा ढांचे और समुद्री आपूर्ति मार्गों पर खतरे को तेल कीमतों में तेजी की मुख्य वजह माना जा रहा है।
- रॉयटर्स के अनुसार, यदि होर्मुज मार्ग बंद रहता है तो ब्रेंट फिर 110 डॉलर की ओर जा सकता है।
- यह उतार-चढ़ाव दिखाता है कि संघर्ष और कूटनीतिक संकेतों पर तेल बाजार कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे रहा है।





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