1928 में मोतीलाल नेहरू समिति द्वारा तैयार नेहरू रिपोर्ट ब्रिटिश सचिव लॉर्ड बिर्केनहेड की चुनौती के बाद बनाई गई। इसका उद्देश्य स्वशासन की रूपरेखा तय करना और राजनीतिक तनाव के बीच एक साझा संविधान प्रस्तावित करना था।
BulletsIn
- भारत के लिए डोमिनियन स्टेटस मांगने वाला पहला बड़ा संवैधानिक मसौदा।
- संसदीय प्रणाली, द्विसदनीय विधानमंडल और केंद्र को अवशिष्ट शक्तियाँ प्रस्तावित।
- संयुक्त निर्वाचक मंडल की सिफारिश, सांप्रदायिक पृथक निर्वाचन का विरोध।
- 500-सदस्यीय निचला सदन (5 वर्ष) और 200-सदस्यीय उच्च सदन (7 वर्ष) का ढाँचा सुझाया।
- कार्यपालिका–न्यायपालिका पृथक्करण और अल्पसंख्यक सुरक्षा पर जोर।
- मुस्लिम लीग ने राजनीतिक सुरक्षा घटने का आरोप लगाकर विरोध किया।
- जिन्ना ने इसके खिलाफ अपने चौदह सूत्र पेश किए।
- रिपोर्ट से बंगाल और पंजाब में हिंदू–मुस्लिम खाई और गहरी हुई।
- मतभेदों ने राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस से पहले राजनीतिक एकजुटता कम की।
- भारतीय संविधान निर्माण की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है





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