नासा ने पृथ्वी और मंगल के बीच सौर संयोजन के कारण हुए संचार अवरोध के बाद अपने मंगल अभियानों से सफलतापूर्वक संपर्क बहाल कर लिया है। यह ब्लैकआउट दिसंबर 2025 के अंत से जनवरी 2026 के मध्य तक रहा, जिससे अंतरिक्ष यानों की सुरक्षा के लिए कमांड रोक दी गई थी। संपर्क बहाल होते ही सभी मिशन दोबारा पूर्ण वैज्ञानिक गतिविधियों में जुट गए हैं।
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सौर संयोजन के कारण बाधित रेडियो संचार जनवरी 2026 में बहाल किया गया, जिससे मंगल मिशन फिर सक्रिय हुए।
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परसेवेरेंस और क्यूरियोसिटी रोवर स्वचालित मोड में सुरक्षित रूप से कार्य करते रहे और वैज्ञानिक डेटा संग्रहित किया।
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नासा के इंजीनियरों ने पुष्टि की कि सभी अंतरिक्ष यान तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित और ऊर्जावान हैं।
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मौसम, सतह संरचना और पर्यावरण से जुड़ा अहम डेटा अब पृथ्वी पर भेजा जा रहा है।
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सौर ब्लैकआउट हर दो वर्ष में आता है और अंतरिक्ष यानों की सुरक्षा के लिए आदेश भेजना रोका जाता है।
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मार्स रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर और MAVEN ने डेटा रिले सहायता दोबारा शुरू की।
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वर्ष 2026 में मंगल पर नमूना संग्रह, जीवन संकेतों की खोज और भविष्य के मिशनों की तैयारी तेज होगी।





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