भारत का सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। बेहतर परिवहन दक्षता और स्पष्ट नीतियां इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ा सकती हैं।
BulletsIn
• सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और यह रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि तथा उत्पादन विस्तार में प्रमुख योगदान देते हैं।
• नीतिगत दृष्टिकोण अब केवल अस्तित्व बनाए रखने से आगे बढ़कर उत्पादकता बढ़ाने, उद्यम विस्तार को प्रोत्साहित करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने पर केंद्रित हो रहा है।
• इन उद्यमों के लिए प्रभावी परिवहन और वितरण व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इनके व्यापार में कम मात्रा में बार बार माल भेजने की आवश्यकता होती है।
• देश में परिवहन आधारभूत संरचना में सुधार से विभिन्न शहरों के बीच माल की आवाजाही अधिक तेज और व्यवस्थित होती जा रही है।
• फिर भी शहरों के भीतर और आसपास की अंतिम चरण की वितरण व्यवस्था छोटे उद्यमों की कार्यकुशलता और लागत नियंत्रण को सीधे प्रभावित करती है।
• विशेषज्ञों के अनुसार समान सेवाओं के लिए नियमों और कर व्यवस्था में स्पष्टता तथा एकरूपता होना छोटे उद्यमों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक है।
• सरल अनुपालन प्रक्रिया और स्थिर नीतिगत वातावरण छोटे उद्यमों को आधुनिक आपूर्ति तंत्र के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने में सहायक बनता है।
• परिवहन लागत कम करना और वितरण तंत्र को मजबूत बनाना सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.