पांच राज्यों और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता लागू कर दी है।
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- आदर्श आचार संहिता चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही लागू हो जाती है और परिणाम घोषित होने तक प्रभावी रहती है।
- यह राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों तथा सरकारों के आचरण को नियंत्रित करने वाली दिशा-निर्देशों की व्यवस्था है।
- यद्यपि यह कोई वैधानिक कानून नहीं है, फिर भी संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग इसे लागू करता है।
- आचार संहिता के तहत सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, नई योजनाओं की घोषणा और सरकारी पद के चुनावी उपयोग पर रोक होती है।
- राजनीतिक दलों को धर्म, जाति या सांप्रदायिक भावनाओं का उपयोग कर मतदाताओं को प्रभावित करने की अनुमति नहीं होती।
- निर्वाचन आयोग c-VIGIL ऐप और SUVIDHA पोर्टल जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर उल्लंघनों की निगरानी करता है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित भ्रामक सामग्री, डीपफेक, प्रॉक्सी प्रचार और मुफ्त उपहारों की राजनीति प्रमुख चुनौतियां बनकर उभरी हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि आचार संहिता को कानूनी दर्जा, सख्त प्रवर्तन और डिजिटल नियमन से अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।





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