भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के तहत वेतन वृद्धि को मंजूरी दी है। यह वृद्धि प्रत्येक राज्य में Rs 7 से Rs 26 प्रति दिन तक होगी, जिसमें हरियाणा में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। नए वेतन दर 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे। यह वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई के आधार पर की गई है, ताकि वेतन जीवन की बढ़ती लागत के साथ मेल खाता रहे।
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- MGNREGS वेतन वृद्धि 2025-26 के लिए Rs 7 से Rs 26 प्रति दिन होगी।
- हरियाणा में Rs 26 की सबसे बड़ी वृद्धि हुई, जिससे वेतन दर Rs 400 प्रति दिन हो गया।
- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड और तेलंगाना में Rs 7 प्रति दिन की न्यूनतम वृद्धि हुई है।
- वेतन दरों का निर्धारण कृषि श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-AL) के आधार पर किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों की महंगाई को दर्शाता है।
- नए वेतन दर 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे।
- NREGS प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिनों तक काम की गारंटी देता है, बशर्ते परिवार के पास काम करने के लिए वयस्क सदस्य हों।
- विशेष परिस्थितियों में, जैसे कि वन क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति परिवारों को या सूखा प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त 50 दिनों का काम दिया जाता है।
- वर्तमान वित्तीय वर्ष (2024-25) में 5.66 करोड़ परिवारों ने NREGS के तहत रोजगार प्राप्त किया है।
- वेतन वृद्धि का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार करना है।
- NREGS योजना ग्रामीण रोजगार को मौसमी और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी समर्थन प्रदान करती है।





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