राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चिकित्सा पेशे को एक महान कर्तव्य बताया, जिसमें लोगों की पीड़ा कम करना और जीवन की गुणवत्ता सुधारना शामिल है। नई दिल्ली में वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल के दीक्षांत समारोह में उन्होंने करुणा, नवाचार और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
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- राष्ट्रपति ने चिकित्सा पेशे को पीड़ा कम करने का महान कर्तव्य बताया।
- वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
- डॉक्टरों से मरीजों को सिर्फ केस नहीं, बल्कि इंसान के रूप में देखने का आग्रह किया।
- स्वास्थ्य में क्रांति लाने वाली तकनीकों जैसे एआई, रोबोटिक्स और 3डी बायोप्रिंटिंग पर जोर।
- चिकित्सा और इंजीनियरिंग संस्थानों के बीच सहयोग का आह्वान।
- भारत के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कुशल और समर्पित डॉक्टरों की आवश्यकता पर जोर।
- 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवा डॉक्टरों से योगदान का अनुरोध।
- सफदरजंग अस्पताल के 10,000 मरीजों की रोजाना देखभाल और उन्नत सेवाओं की सराहना।
- अस्पताल की सस्ती रोबोटिक सर्जरी और बोन मैरो प्रत्यारोपण की तारीफ।
- भारत की वैश्विक स्वास्थ्य स्थिति को ऊंचा करने के लिए शोध और उद्यमिता को बढ़ावा दिया।





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