लोकपाल केंद्र स्तर पर और लोकायुक्त राज्य स्तर पर कार्य करते हैं। दोनों संस्थाएं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करती हैं। उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
BulletsIn
- लोकपाल-लोकायुक्त अवधारणा स्वीडन से प्रेरित
- भारत में विचार 1960 के दशक में संसद में रखा गया
- डॉ. एल.एम. सिंहवी ने शब्द गढ़े
- लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 लागू
- अधिनियम 16 जनवरी 2014 से प्रभावी
- लोकपाल के दायरे में पीएम, सांसद, केंद्रीय अधिकारी
- लोकायुक्त के दायरे में सीएम, मंत्री, विधायक
- चयन समिति की सिफारिश पर नियुक्ति
- जांच, समन और कार्रवाई की सिफारिश की शक्ति
- चुनौतियां: नियुक्ति में देरी, संसाधन, जागरूकता की कमी





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