धरती विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में भारत फोरकास्ट सिस्टम लॉन्च किया। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे द्वारा विकसित यह देशी उच्च-रिज़ॉल्यूशन मौसम मॉडल भारत की मौसम पूर्वानुमान सटीकता को 6 किमी ग्रिड तक बढ़ाता है, जिससे गांव स्तर पर सटीक भविष्यवाणी संभव होती है।
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- भारत फोरकास्ट सिस्टम ने मौसम पूर्वानुमान की रेंज 12 किमी से 6 किमी तक बढ़ाई, जो कृषि, आपदा प्रबंधन और परिवहन क्षेत्रों में मदद करेगा।
- यह पूरी तरह से देशी मॉडल IITM, पुणे ने विकसित किया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी उपलब्धि है।
- अत्यधिक वर्षा घटनाओं की पूर्वानुमान सटीकता में 30% और मानसून क्षेत्रों में 64% सुधार हुआ है।
- यह ‘ट्रायंगलर क्यूबिक ऑक्टाहेड्रल ग्रिड मॉडल’ का उपयोग करता है जो रियल-टाइम मौसम मॉडलिंग सक्षम बनाता है।
- इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व चार महिला वैज्ञानिकों ने किया, जो प्रधानमंत्री मोदी के ‘नारी शक्ति’ सशक्तिकरण विजन से मेल खाता है।
- IITM, IMD, ISRO और अन्य संस्थानों के सहयोग से विकसित यह सिस्टम है।
- यह उन उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के लिए भी लाभकारी है जहां मौसम जटिल और परिवर्तनशील होता है।
- डॉ. सिंह ने IMD की प्रगति और ₹2000 करोड़ के मिशन मौसम के तहत क्लाइमेट फोरकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड का उल्लेख किया।
- यह पहल भारत को वैश्विक मौसम पूर्वानुमान में अग्रणी बनाती है और जलवायु से जुड़े नुकसान कम कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है।





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