भारत में स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव संसाधन के क्षेत्र में पहुँच, गुणवत्ता, वित्तपोषण और कार्यबल की कमी जैसी जटिल समस्याएँ हैं। नीतियाँ हैं, पर समानता और परिणाम कम दिखते हैं।
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• ग्रामीण एवं कमजोर वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सीमित।
• देश में डॉक्टर, नर्स व अन्य हेल्थ स्टाफ की भारी कमी।
• उच्च जेब-खर्ची (OOP) से गरीबी में गिरावट का जोखिम।
• बढ़ती बीमारी-भार: गैर-संक्रामक रोग, टीबी, कुपोषण, मानसिक स्वास्थ्य।
• स्वास्थ्य अवसंरचना असमान और अपर्याप्त।
• नामांकन अधिक पर सीखने के परिणाम कम हैं।
• अध्यापक कमी, प्रशिक्षण की कमी और स्कूल सुविधाएँ अधूरी।
• उद्योग-जरूरत और कौशल में बड़ा अंतर (skill-gap)।
• मस्तिष्क-प्रवाह (brain drain), युवा बेरोजगारी और लैंगिक असमानता।
• सरकारी योजनाएँ (आयुष्मान, NEP 2020, PMKVY, NHM) मौजूद पर क्रियान्वयन कमजोर।
• प्राथमिकता: सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, स्वास्थ्य- और शिक्षक-शक्ति सुदृढ़ीकरण, कौशल-समन्वय।





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