जून 2026 में कच्चे तेल, सोना और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के आयात में तेज वृद्धि के कारण भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 15.3 अरब डॉलर पहुंच गया।
BulletsIn
- जून 2026 में भारत का व्यापार घाटा 430 प्रतिशत बढ़कर 15.3 अरब डॉलर हो गया, जिसका प्रमुख कारण वस्तुओं के आयात में तेज वृद्धि रही।
- वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार वस्तुओं और सेवाओं सहित कुल निर्यात 9.5 प्रतिशत बढ़कर 73.4 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
- इसी अवधि में कुल आयात लगभग 27 प्रतिशत बढ़कर 88.8 अरब डॉलर पहुंच गया, जिससे व्यापार संतुलन पर उल्लेखनीय प्रभाव पड़ा।
- कच्चे तेल के आयात में वृद्धि व्यापार घाटे के विस्तार का प्रमुख कारण बनी और इससे कुल आयात व्यय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई।
- सोना तथा इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों के आयात में भी तेज बढ़ोतरी हुई, जिससे देश का कुल आयात बिल और अधिक बढ़ गया।
- वस्तु आयात में आई तेजी ने निर्यात वृद्धि के सकारात्मक प्रभाव को सीमित कर दिया और व्यापार घाटा पिछले वर्ष की तुलना में काफी बढ़ गया।
- नवीनतम आंकड़े घरेलू विनिर्माण, निर्यात प्रतिस्पर्धा और आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बनाते हैं।
- वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि व्यापार गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन बढ़ते आयात से बाह्य व्यापार संतुलन पर दबाव बना हुआ है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.