नई दिल्ली: भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. आनंद नागेश्वरन ने कहा कि FY26 में भारत की GDP वृद्धि 6.8% से अधिक हो सकती है। उन्होंने CNBC-TV18 ग्लोबल लीडरशिप समिट 2025 में कहा कि निजी निवेश, एफडीआई प्रवाह और विनिर्माण सुधारों से अर्थव्यवस्था में मजबूत गति बनी हुई है।
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- नागेश्वरन ने FY26 के लिए 6.8% से अधिक GDP वृद्धि की संभावना जताई।
- पहले अनुमान 6.3–6.8% की सीमा में था, लेकिन अब गति बेहतर दिख रही है।
- FY25 की पहली तिमाही में 7.8% GDP वृद्धि, पाँच तिमाहियों में सबसे तेज़।
- मजबूती का कारण—निजी निवेश में वृद्धि, एफडीआई प्रवाह में सुधार, और राजकोषीय सुधार।
- FY25 में निजी पूंजी निवेश ₹6.56 ट्रिलियन, जबकि सार्वजनिक निवेश ₹11.11 ट्रिलियन रहा।
- एफडीआई प्रवाह FY25 में $81.04 बिलियन, जो FY24 के $71.28 बिलियन से अधिक है।
- उन्होंने कहा कि घरेलू विनिर्माण को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ना आवश्यक है।
- शुल्क ढांचे में सुधार और कच्चे माल पर सीमा शुल्क में छूट को उत्पादन लागत घटाने के उपाय बताया।
- प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर सुधारों का उद्देश्य मांग और आपूर्ति दोनों को सशक्त बनाना है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर कहा—शुरुआती असर चुनौतीपूर्ण होगा, पर दीर्घकाल में लाभदायक।





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