भारतीय नौसेना ने 24 मार्च, 2025 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में अपनी दूसरी परियोजना 1135.6 फ्रिगेट ‘तवस्या’ का शुभारंभ किया। यह युद्धपोत, जो बहु-भूमिका युद्ध संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है, आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत भारत की नौसैनिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है।
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- भारतीय नौसेना ने गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में अपनी दूसरी परियोजना 1135.6 फ्रिगेट ‘तवस्या’ का शुभारंभ किया।
- फ्रिगेट की लंबाई 124.8 मीटर, चौड़ाई 15.2 मीटर, और ड्राफ्ट 4.5 मीटर है।
- इसकी अधिकतम गति 28 नॉट्स है और इसका विस्थापन 3,800 टन से अधिक है।
- ‘तवस्या’ को सतह, उपसतह और हवाई युद्ध के लिए अत्याधुनिक हथियारों, सेंसर और स्टील्थ तकनीक से लैस किया गया है।
- इस पोत में स्वदेशी प्रणालियाँ जैसे ब्रह्मोस मिसाइल, टॉरपीडो लॉन्चर, सोनार और सहायक नियंत्रण प्रणालियाँ शामिल हैं।
- यह लॉन्च 2016 में रूस के साथ हुए समझौते का हिस्सा है, जिसमें चार अतिरिक्त स्टील्थ फ्रिगेट्स बनाने की योजना थी, जिनमें से दो रूस में और दो GSL में बनाए गए हैं।
- ‘तवस्या’ इस श्रृंखला का अंतिम पोत है, और इससे पहले 23 जुलाई, 2024 को पहले पोत ‘तृपुत’ का शुभारंभ हुआ था।
- यह लॉन्च भारत के 2029 तक 500 बिलियन रुपये (5.85 बिलियन डॉलर) के रक्षा निर्यात लक्ष्य से मेल खाता है।
- इस परियोजना से भारत की नौसैनिक शक्ति और शिपबिल्डिंग क्षमताओं को मजबूती मिलती है।
- भारतीय रक्षा अधिकारियों ने इस पोत की रणनीतिक महत्वता को भारत की रक्षा महत्वाकांक्षाओं और प्रौद्योगिकी में उन्नति के संदर्भ में उजागर किया।





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