भारत और ब्रिटेन ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित बनाने, जोखिमों की निगरानी करने तथा स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नई वेधशाला शुरू की।
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- भारत और ब्रिटेन ने 5 जून 2026 को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण खनिज वैश्विक आपूर्ति शृंखला वेधशाला का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य संसाधन सुरक्षा को मजबूत करना है।
- यह पहल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएसएम) धनबाद के टेक्समिन तथा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के बीच संयुक्त शोध और सहयोग का परिणाम है।
- महत्वपूर्ण खनिज स्वच्छ ऊर्जा, विद्युत वाहन, बैटरी निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना, उन्नत विनिर्माण तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए आवश्यक हैं।
- वेधशाला वैश्विक खनिज निष्कर्षण, प्रसंस्करण, परिशोधन, परिवहन और विनिर्माण तंत्र की निगरानी कर संभावित जोखिमों तथा बाधाओं की पहचान करेगी।
- यह सरकारों, उद्योगों और शोध संस्थानों को बाजार संबंधी जानकारी, जोखिम मूल्यांकन और विश्लेषणात्मक सहायता प्रदान कर निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बनाएगी।
- इस परियोजना की घोषणा अक्टूबर 2025 में भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग के अंतर्गत की गई थी।
- मार्च 2026 में औपचारिक शोध सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे इस पहल के दूसरे चरण के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
- राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन देश की दीर्घकालिक खनिज सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।





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