भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में सक्रिय भागीदारी के ज़रिए मध्य एशिया में अपनी रणनीतिक उपस्थिति मज़बूत की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की जुलाई 2025 में चीन यात्रा, भारत की क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत है।
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- भारत ने बदलते भू-राजनीतिक हालात में SCO को प्राथमिकता दी।
- जयशंकर 2020 गलवान संघर्ष के बाद पहली बार चीन दौरे पर गए।
- भारत को मध्य एशिया में ऊर्जा, संपर्क और बाज़ार की ज़रूरत।
- SCO मंच पर चीन, पाकिस्तान, रूस से संवाद की सुविधा मिलती है।
- आतंकवाद, ड्रग तस्करी और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा संभव।
- भारत ने ASEAN से ज्यादा तात्कालिक हितों के लिए SCO को प्राथमिकता दी।
- चीन की बेल्ट एंड रोड पहल को संतुलित करने की रणनीति अपनाई गई।
- SCO सम्मेलन में रूस, ईरान, चीन से द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं।
- चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और सहयोग दोनों के बीच संतुलन की कोशिश।
- SCO अब भारत की विदेश नीति और क्षेत्रीय रणनीति का अहम हिस्सा।





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