भारत ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि हालिया भारत-पाक संघर्षविराम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोई भूमिका नहीं थी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मुद्दे भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रूप से सुलझाए जाएंगे। न तो व्यापार को लेकर कोई धमकी दी गई थी और न ही परमाणु युद्ध का खतरा था।
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- भारत ने ट्रंप का मध्यस्थता का दावा किया खारिज
- J&K मुद्दा केवल भारत-पाक के बीच, तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं
- संकट के दौरान भारत-अमेरिका वार्ता में व्यापार का जिक्र नहीं
- ट्रंप का परमाणु युद्ध रोकने का दावा भी निराधार
- भारत की सैन्य कार्रवाई पूरी तरह पारंपरिक रही: MEA
- संघर्षविराम की शर्तें DGMOs ने 10 मई को 3:35 बजे तय की
- पाक उच्चायोग से कॉल की मांग आई, हॉटलाइन में तकनीकी समस्या रही
- भारत ने 10 मई को 8-10 पाक एयरबेस पर हमला किया
- किरणा हिल्स पर परमाणु स्थल पर हमले की खबरें गलत, कोई रिसाव नहीं
- मोदी: भारत परमाणु धमकियों या सीमा पार आतंक को बर्दाश्त नहीं करेगा





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