भारत और माली ने बामाको में प्रथम निर्यात प्रोत्साहन मंच आरम्भ किया, जिसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, विनिर्माण तथा दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को नई दिशा देना है।
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- भारत और माली ने बामाको में प्रथम निर्यात प्रोत्साहन मंच का शुभारम्भ किया, जिससे द्विपक्षीय व्यापारिक सहयोग को संस्थागत स्वरूप मिला तथा आर्थिक सहभागिता को नई मजबूती प्राप्त हुई।
- वित्तीय वर्ष 2025–26 में दोनों देशों के बीच व्यापार 326.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा तथा पिछले वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
- मंच के दौरान शासन, उद्योग तथा व्यापार क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने निवेश, विनिर्माण, आधारभूत संरचना तथा व्यापारिक सहयोग को बढ़ाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया।
- दोनों देशों ने कपास, वस्त्र, खनन, ऊर्जा, कृषि प्रसंस्करण, औषध निर्माण, सामाजिक आधारभूत संरचना तथा डिजिटल व्यापार सुविधा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता प्रदान की।
- माली ने उद्गम प्रमाणपत्र व्यवस्था के डिजिटलीकरण तथा व्यापार सुविधा को सुदृढ़ करने में भारत से सहयोग का अनुरोध किया, जबकि भारत ने निवेश सुरक्षा पर बल दिया।
- माली से भारत को कच्चा कपास, चमड़ा, काजू, तिल, गोंद तथा सीसा का निर्यात होता है, जबकि भारत औषधियाँ, वस्त्र तथा वाहन निर्यात करता है।
- भारत की शुल्क मुक्त वरीयता व्यवस्था ने माली के निर्यात को प्रोत्साहन दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक प्रवाह और आर्थिक सहयोग लगातार सुदृढ़ हो रहा है।
- माली ने 3–4 दिसंबर 2026 को निवेश मंच आयोजित करने की घोषणा की, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों की निवेश परियोजनाओं को प्रस्तुत कर वैश्विक निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।





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