भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र की क्षमताओं को एक मंच पर लाने के लिए पहली डिजिटल निर्देशिका आरंभ की है, जिससे सहयोग और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
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- भारतीय अंतरिक्ष उद्योग ई-निर्देशिका का शुभारंभ भारत अंतरिक्ष सम्मेलन के दौरान देश की पहली व्यापक डिजिटल अंतरिक्ष क्षमता निर्देशिका के रूप में किया गया।
- इस मंच पर 200 से अधिक सत्यापित अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को लगभग 20 क्षेत्रों और 120 से अधिक उपक्षेत्रों में शामिल किया गया है।
- निर्देशिका का उद्देश्य क्षमता पहचान, औद्योगिक सहयोग, प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा व्यावसायिक विकास के लिए एक विश्वसनीय मंच उपलब्ध कराना है।
- इस पहल का विकास सैटकॉम उद्योग संघ भारत द्वारा किया गया है, जो देश के अंतरिक्ष उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाला एक गैर-लाभकारी संगठन है।
- यह मंच सरकारी संस्थानों, निजी उद्यमों, नवप्रवर्तक संस्थाओं, निवेशकों तथा वैश्विक भागीदारों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा।
- सम्मेलन के दौरान कक्षीय सेवा और ईंधन पुनर्भरण क्षमताओं पर आधारित एक रणनीतिक प्रतिवेदन भी जारी किया गया।
- अंतरिक्ष आधारित संगणना अवसंरचना और कक्षीय आंकड़ा केंद्रों की संभावनाओं पर केंद्रित एक अन्य प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया।
- भारत अंतरिक्ष सम्मेलन में नीति निर्माताओं, राजनयिकों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के अवसरों पर विचार-विमर्श किया।





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