ईरान ने भारत को महत्वपूर्ण कूटनीतिक साझेदार बताया है, जबकि आगामी शिखर बैठक से व्यापार, संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई है।
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- ईरान ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की आगामी नई दिल्ली यात्रा से पहले भारत को महत्वपूर्ण कूटनीतिक साझेदार बताया है।
- तेहरान को उम्मीद है कि ब्रिक्स मंच भारत और ईरान के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग तथा रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेगा।
- ईरानी अधिकारियों ने भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे सभ्यतागत संबंधों को महत्वपूर्ण बताते हुए उच्चस्तरीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
- राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय परिस्थितियों और व्यापार विस्तार के अवसरों पर चर्चा की।
- चाबहार बंदरगाह और संपर्क ढांचा दोनों देशों की प्रमुख प्राथमिकताओं में हैं, जिससे क्षेत्रीय परिवहन और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिल सकता है।
- भारत और ईरान ब्रिक्स तथा शंघाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से भी व्यापक कूटनीतिक समन्वय करते हैं।
- नरेंद्र मोदी ने संवाद, कूटनीति, क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, समुद्री आवागमन और निर्बाध व्यापारिक गतिविधियों के समर्थन की भारत की नीति दोहराई।
- नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाली ब्रिक्स शिखर बैठक भारत और ईरान के बीच नए संवाद का अवसर दे सकती है।
- ईरानी विदेश मंत्रालय ने व्यापार और संपर्क सहित आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए भारतीय पक्ष के साथ निरंतर विचार-विमर्श पर जोर दिया।
- दोनों देशों की उच्चस्तरीय बातचीत ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया के संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं।
- ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत बताते हुए आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों में निरंतर विकास पर विश्वास जताया है।
- दोनों देशों के बीच बढ़ता संवाद बदलती क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नई दिशा देने का संकेत देता है।





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