भारत ने SAARC ढांचे के तहत मालदीव को ₹30 अरब का मुद्रा स्वैप प्रदान किया है, जिससे आर्थिक स्थिरता, तरलता समर्थन और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी।
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- भारत ने मालदीव को SAARC ढांचे के तहत ₹30 अरब का मुद्रा स्वैप प्रदान किया, जिससे आर्थिक स्थिरता को समर्थन मिलेगा।
- यह सुविधा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा SAARC मुद्रा स्वैप फ्रेमवर्क (2024–2027) के तहत INR विंडो में उपलब्ध कराई गई है।
- SAARC मुद्रा स्वैप फ्रेमवर्क 2012 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों को अल्पकालिक विदेशी मुद्रा संकट के समय त्वरित सहायता प्रदान करना है।
- यह व्यवस्था महंगे विदेशी ऋण पर निर्भरता कम करती है और भुगतान संतुलन, विनिमय दर स्थिरता तथा आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
- यह समझौता अक्टूबर 2024 में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान मजबूत हुआ था।
- दिलचस्प रूप से, यह स्वैप मंजूरी मालदीव द्वारा पहले लिए गए 400 मिलियन डॉलर के स्वैप ऋण की वापसी के बाद दी गई, जो वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।
- भारत अब तक SAARC ढांचे के तहत मालदीव को 1.1 अरब डॉलर से अधिक की सहायता दे चुका है, जो क्षेत्रीय सहयोग की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
- यह कदम भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति और ‘MAHASAGAR’ दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिससे क्षेत्र में उसकी रणनीतिक और आर्थिक भूमिका मजबूत होती है।





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