भारत और चीन 1 अगस्त 2026 से पूर्वी सिक्किम स्थित नाथू ला दर्रे के माध्यम से सीमा व्यापार पुनः आरंभ करेंगे। कोविड-19 महामारी और सीमा तनाव के कारण छह वर्षों से बंद यह महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग अब फिर से खुलने जा रहा है।
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- भारत और चीन 1 अगस्त 2026 से पूर्वी सिक्किम के नाथू ला दर्रे के माध्यम से सीमा व्यापार पुनः प्रारंभ करेंगे, जिससे छह वर्षों बाद यह महत्वपूर्ण हिमालयी व्यापार मार्ग फिर सक्रिय होगा।
- नाथू ला सीमा व्यापार वर्ष 2020 से कोविड-19 महामारी तथा भारत-चीन सीमा पर बढ़े तनाव के कारण स्थगित था, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापार और आजीविका पर प्रभाव पड़ा।
- ऐतिहासिक रेशम मार्ग पर स्थित नाथू ला दर्रा भारत और चीन के बीच निर्धारित दो आधिकारिक सीमा व्यापार मार्गों में से एक है तथा वर्ष 2006 में पुनः खोले जाने के बाद से नियंत्रित व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है।
- द्विपक्षीय व्यवस्था के अंतर्गत नाथू ला के माध्यम से सामान्यतः मई से नवंबर तक लगभग छह महीने सीमा व्यापार की अनुमति दी जाती है।
- उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा भारत और चीन के बीच दूसरा अधिकृत सीमा व्यापार मार्ग है, जो वर्ष 2020 से बंद है और समान द्विपक्षीय व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होता है।
- व्यापार बहाली का निर्णय दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक संवाद के बीच लिया गया है। हाल ही में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन का दौरा कर द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
- भारत 45 किलोमीटर लंबे शिवोक-रंगपो रेल परियोजना को भी तेजी से पूरा कर रहा है तथा भविष्य में इसे नाथू ला दर्रे तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे सीमावर्ती संपर्क और सामरिक अवसंरचना मजबूत होगी।
- नाथू ला मार्ग के पुनः खुलने से सीमावर्ती व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, जनसंपर्क, पर्यटन तथा भारत-चीन के बीच आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।





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