भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन निजी निवेश अभी भी कमजोर है। आगामी बजट में संरचनात्मक बाधाओं को दूर करने का अवसर है। इनपुट टैक्स और आपूर्ति पक्ष की समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी है।
BulletsIn
- बजट 2026 निजी निवेश के लिए अहम अवसर
- सुधारों से वृद्धि तेज, पर निजी कैपेक्स कमजोर
- 7–8% जीडीपी वृद्धि के बावजूद निवेश में झिझक
- सरकारी खर्च बना विकास का मुख्य आधार
- स्टील उद्योग को आयात शुल्क से समर्थन
- महंगे स्टील से डाउनस्ट्रीम उद्योग प्रभावित
- एमएसएमई के मुनाफे पर दबाव बढ़ा
- आयात प्रतिबंधों से निर्यात प्रतिस्पर्धा घटी
- आपूर्ति पक्ष की समस्याओं से निवेश धीमा





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