गुरु रविदास जयंती उत्तर भारत में, खासकर पंजाब में मनाई जाती है, और यह प्रसिद्ध संत और कवि गुरु रविदास की जयंती है। भक्ति आंदोलन में गुरु रविदास का महत्वपूर्ण योगदान था। उनके उपदेशों में समानता, मानव अधिकारों और righteousness की बातें प्रमुख थीं, जिनका प्रभाव आज भी जारी है।
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- गुरु रविदास जयंती 2025 12 फरवरी को मनाई जाएगी, जो गुरु रविदास की 648वीं जयंती है।
- पूर्णिमा तिथि 11 फरवरी को शाम 6:55 बजे शुरू होगी और 12 फरवरी को 7:22 बजे समाप्त होगी।
- गुरु रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के सीर गोवर्धनपुर में 1377 ईस्वी में हुआ था।
- गुरु रविदास एक प्रसिद्ध कवि थे, जिनकी रचनाएँ गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं।
- पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के लोग इस दिन विशेष प्रार्थनाएँ, कीर्तन और शोभायात्राएँ आयोजित करते हैं।
- वाराणसी के श्री गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर में भव्य समारोह आयोजित किया जाता है।
- गुरु रविदास भगवान श्री कृष्ण के भक्त थे और मीरा बाई के आध्यात्मिक गुरु थे।
- उनके उपदेश मानव समानता और righteous जीवन जीने की महत्वपूर्ण बातें बताते हैं।
- इस दिन, लोग गुरबानी का पाठ करते हैं और पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।
- गुरु रविदास के उपदेश आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं, और उनका प्रभाव हर गुजरते साल के साथ बढ़ता जा रहा है।





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