एक पूर्व इंफोसिस कर्मचारी ने जोधपुर आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) में बिटकॉइन को पूंजीगत संपत्ति (Capital Asset) घोषित कराकर बड़ा कर (Tax) लाभ हासिल किया। इस निर्णय से उन्हें कम कर दर पर टैक्स भरने और आयकर अधिनियम की धारा 54F के तहत बड़ी छूट का दावा करने का मौका मिला।
BulletsIn
- FY 2015-16 में ₹5 लाख का बिटकॉइन निवेश किया गया।
- FY 2020-21 में बिटकॉइन को ₹6.69 करोड़ में बेचा और लाभ से घर खरीदा।
- आयकर विभाग ने 2022 के वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) कर नियम के तहत 30% टैक्स मांगा।
- ITAT ने अप्रैल 2022 से पहले की लेन-देन को पूंजीगत संपत्ति घोषित किया।
- बिटकॉइन को लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के तहत 20% कर दर पर टैक्स लगाया गया।
- ₹1.68 करोड़ के शुद्ध LTCG पर ₹33.6 लाख टैक्स भरा गया।
- धारा 54F के तहत घर खरीदने के लिए ₹4.95 करोड़ की छूट का दावा किया।
- ITAT ने माना कि निवेश दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कमाने के लिए किया गया था।
- यह निर्णय अप्रैल 2022 से पहले की क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन पर कर व्यवस्था स्पष्ट करता है।
- आवासीय संपत्ति में पुनर्निवेश पर इसी तरह के मामलों के लिए कानूनी मिसाल पेश की।





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