विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने एल नीनो के 2027 तक बने रहने की चेतावनी दी, जिससे वर्षा, तापमान, कृषि और खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
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- विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार एल नीनो 2027 तक और मजबूत हो सकता है, जिससे कई क्षेत्रों में अत्यधिक मौसम का खतरा बढ़ेगा।
- पूर्वानुमानों में एल नीनो के फरवरी 2027 तक बने रहने की लगभग 100 प्रतिशत संभावना जताई गई है, जिसका प्रमुख कारण गर्म प्रशांत महासागर है।
- वर्तमान एल नीनो के 2026 के अंत तक अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है, जिससे वैश्विक मौसम संबंधी व्यवधान बढ़ सकते हैं।
- मजबूत एल नीनो विश्वभर में वर्षा और तापमान के स्वरूप को बदल सकता है, जिससे सूखा, अत्यधिक वर्षा और उष्णकटिबंधीय तूफान बढ़ सकते हैं।
- एल नीनो तब उत्पन्न होता है जब व्यापारिक पवनों के कमजोर पड़ने से पूर्वी प्रशांत महासागर की समुद्री सतह असामान्य रूप से गर्म हो जाती है।
- यह प्राकृतिक मौसमी घटना सामान्यतः हर 2 से 7 वर्षों में होती है और कई महीनों तक वैश्विक मौसम को प्रभावित कर सकती है।
- एल नीनो के कारण लैटिन अमेरिका में अत्यधिक वर्षा और गंभीर सूखे की स्थिति बन सकती है, जिससे कृषि और मानवीय संकट बढ़ सकता है।
- वर्तमान घटना ने उष्णकटिबंधीय कृषि उत्पादों को प्रभावित किया है और मध्य अमेरिका के शुष्क गलियारे में गंभीर खाद्य संकट को बढ़ाया है।
- प्रशांत महासागर के बढ़ते तापमान से अनिश्चित जलवायु परिस्थितियों और अगले वर्ष अधिक गंभीर मौसम संबंधी आपदाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है।
- विश्व मौसम विज्ञान संगठन संवेदनशील देशों को बढ़ते जलवायु जोखिमों से निपटने में सहायता देने के लिए तैयारी और प्रारंभिक चेतावनी व्यवस्था मजबूत कर रहा है।
- जलवायु संबंधी पूर्वानुमान आपदा प्रबंधन, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और जल संसाधनों जैसे मौसम संवेदनशील क्षेत्रों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
- 2027 तक एल नीनो के बने रहने की आशंका सरकारों और संवेदनशील समुदायों के लिए गंभीर मौसम से निपटने की तैयारी बढ़ाने की आवश्यकता दर्शाती है।





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