सुप्रीम कोर्ट ने 25 नवंबर को अधिकारियों पर आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली में ट्रकों और लाइट कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लागू करने में असफल रहे। कोर्ट ने सीएक्यूएम को निर्देश दिया कि वे उन अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन कार्रवाई शुरू करें जो इन आदेशों को लागू करने में विफल रहे।
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- सुप्रीम कोर्ट ने उन अधिकारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया जो दिल्ली में ट्रक प्रवेश पर प्रतिबंध लागू नहीं कर पाए।
- यह प्रतिबंध GRAP-IV के तहत वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किया गया था।
- कोर्ट ने पाया कि मुख्य प्रवेश बिंदुओं पर अधिकारियों ने इस प्रतिबंध को लागू करने में गंभीर लापरवाही की।
- 83 चेक पोस्टों में से कई चेक पोस्ट बिना कर्मचारियों के थे और पुलिसकर्मियों को आदेशों की स्पष्टता नहीं थी।
- न्यायमूर्ति ओका ने सवाल किया कि सिर्फ 23 चेक पोस्टों पर ही पुलिस क्यों तैनात की गई थी।
- कोर्ट ने कहा कि ट्रक प्रवेश प्रतिबंध को केवल दिल्ली तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में लागू किया जाए।
- सीएक्यूएम को जन जागरूकता बढ़ाने और पुलिस को उचित निर्देश देने का निर्देश दिया गया।
- दिल्ली में 20 से 24 नवंबर तक AQI स्तर 318-419 के बीच रहा, जो गंभीर वायु प्रदूषण को दर्शाता है।
- कोर्ट ने GRAP-IV उपायों को जारी रखने का निर्णय लिया, जब तक वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता।
- निर्माण कार्यों पर लगे प्रतिबंध के दौरान निर्माण मजदूरों को जीवनयापन के लिए श्रमिक cess फंड जारी करने का आदेश दिया गया।





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