भारतीय संविधान के अनुच्छेद 163 और 164 राज्यों में मंत्रिपरिषद की संरचना, शक्तियों और जिम्मेदारियों को परिभाषित करते हैं। ये अनुच्छेद मुख्यमंत्री की नियुक्ति, राज्यपाल की सलाह, और मंत्री बनने की शर्तों को स्पष्ट करते हैं।
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- राज्यों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद अनिवार्य
- राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर कार्य करते हैं (कुछ विवेकाधीन कार्यों को छोड़कर)
- राज्यपाल के विवेकाधीन निर्णय अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती
- राज्यपाल मुख्यमंत्री नियुक्त करते हैं, अन्य मंत्री सीएम की सलाह से
- मंत्रिपरिषद का आकार: न्यूनतम 12, अधिकतम विधानसभा के 15%
- 6 महीने में विधायक न बनने वाला मंत्री पद छोड़ता है
- दसवीं अनुसूची में अयोग्य ठहराया गया सदस्य मंत्री नहीं बन सकता
- पूरी मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी
- मंत्री शपथ ग्रहण के बाद ही पद संभाल सकते हैं
- वेतन और भत्ते राज्य विधानमंडल द्वारा तय होते हैं





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