कांग्रेस 26-27 दिसंबर को कर्नाटक के बेलगावी में दो दिवसीय कार्यसमिति (CWC) बैठक कर रही है। इस बैठक में संगठनात्मक सुधारों, चुनावी रणनीति और मोदी सरकार को घेरने के लिए रोडमैप पर चर्चा की जाएगी।
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- यह बैठक महात्मा गांधी के 100 साल पहले बेलगावी में कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता की वर्षगांठ पर हो रही है।
- कांग्रेस संगठन की कमजोरियों पर आत्ममंथन कर अपने पुनर्जीवन की रणनीति बनाएगी।
- दो प्रस्ताव पारित होने की संभावना: एक डॉ. आंबेडकर के कथित अपमान पर और दूसरा मोदी सरकार के दौरान बढ़ती असमानता और संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों को लेकर।
- यह बैठक उदयपुर चिंतन शिविर की सफलता को दोहराने का प्रयास करेगी, जहां भारत जोड़ो यात्रा का निर्णय लिया गया था।
- दलित समुदाय को जोड़ने के लिए डॉ. आंबेडकर की विरासत और महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर बल दिया जाएगा।
- 27 दिसंबर को “जय बापू, जय भीम, जय संविधान” रैली के जरिए दलित और संविधान समर्थक भावनाओं को मजबूत करने की योजना है।
- इंडिया गठबंधन की नेतृत्व विवाद सहित अंदरूनी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
- दिल्ली, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे अहम राज्यों में आने वाले चुनावों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
- कांग्रेस अपनी जमीनी ताकत बढ़ाने और बीजेपी के अलावा आम आदमी पार्टी और टीएमसी जैसी क्षेत्रीय पार्टियों का मुकाबला करने की योजना बनाएगी।
- पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि केवल मजबूत कांग्रेस ही एक प्रभावी विपक्षी गठबंधन की गारंटी हो सकती है।





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