भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान ने डीपडाटा मोबाइल अनुप्रयोग लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य गहरे समुद्री मत्स्य प्रजातियों का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, राष्ट्रीय डिजिटल अभिलेख तैयार करना तथा गहन महासागर अभियान के अंतर्गत समुद्री जैव विविधता अनुसंधान को सुदृढ़ बनाना है।
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- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान ने 23 जुलाई 2026 को डीपडाटा मोबाइल अनुप्रयोग लॉन्च किया, जिससे गहरे समुद्री मत्स्य प्रजातियों का वैज्ञानिक अभिलेखीकरण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा।
- गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध यह अनुप्रयोग विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, मछुआरों, समुद्री जीव वैज्ञानिकों तथा समुद्री संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए अध्ययन और क्षेत्रीय दस्तावेजीकरण का उपयोगी मंच है।
- इसमें प्रत्येक मत्स्य प्रजाति की वर्गीकरण जानकारी, पहचान संबंधी विशेषताएँ, भौगोलिक वितरण, आवास तथा संरक्षण स्थिति जैसी वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
- उपयोगकर्ता मत्स्य पकड़ने के अभियानों, अनुसंधान यात्राओं और तटीय सर्वेक्षणों के दौरान प्राप्त चित्र और अवलोकन अपलोड कर सकते हैं, जिससे गहरे समुद्री जैव विविधता का राष्ट्रीय डिजिटल अभिलेख तैयार होगा।
- यह अनुप्रयोग पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से संचालित गहन महासागर अभियान के अंतर्गत विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य समुद्री अन्वेषण, समुद्री संसाधनों का आकलन तथा गहरे समुद्र से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
- इसमें जन सहभागिता आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान की व्यवस्था भी शामिल है, जिसके अंतर्गत नागरिक अपने अवलोकन साझा कर सकते हैं। प्रत्येक प्रविष्टि का सत्यापन संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा किया जाएगा।
- केरल के कोच्चि स्थित केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान, जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत कार्य करता है, समुद्री मत्स्य अनुसंधान, मत्स्य संसाधन मूल्यांकन और समुद्री जैव विविधता संरक्षण का प्रमुख संस्थान है।
- डीपडाटा अनुप्रयोग भारत में गहरे समुद्री जैव विविधता के मूल्यांकन, संरक्षण योजना, प्रजाति सूचीकरण तथा दीर्घकालिक समुद्री पारिस्थितिकी अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करेगा।





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