28 नवम्बर 2025 को PLOS One में प्रकाशित राष्ट्रीय अध्ययन ने दिखाया कि भारत के जलवायु-संवेदनशील जिलों में स्वास्थ्य जोखिम अधिक हैं। इन क्षेत्रों की महिलाओं और बच्चों में पोषण की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी स्पष्ट रूप से ज्यादा है।
BulletsIn
- अध्ययन में जलवायु जोखिम और खराब स्वास्थ्य के बीच स्पष्ट संबंध
- 575 ग्रामीण जिलों के आंकड़ों का विश्लेषण
- नमूना: 1.54 लाख बच्चे, 4.47 लाख महिलाएं
- उच्च जोखिम वाले जिलों में अधिक स्टंटिंग, वेस्टिंग, कम वजन
- महिलाओं में अस्पताल से बाहर प्रसव की संभावना अधिक
- जलवायु दबाव से गरीबी, कुपोषण, स्वास्थ्य असमानता और बढ़ी
- लू, अनियमित मानसून से ग्रामीण संकट गहरा
- सर्वेक्षण में 37% बच्चे स्टंटेड, 33% कम वजन वाले
- बढ़ते रोग, गर्मी से सेहत पर असमान प्रभाव
- समाधान: जलवायु-सूचित स्वास्थ्य योजनाएं और मजबूत जिला सिस्टम





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