भारत में किसान आंदोलन 18वीं से 20वीं सदी के बीच ब्रिटिश शासन में उभरे। कठोर लगान प्रथा, ज़मींदारों और साहूकारों का शोषण, और औपनिवेशिक आर्थिक नीतियाँ इनके प्रमुख कारण थे। ये आंदोलन ब्रिटिश शासन उखाड़ने के लिए नहीं थे, लेकिन इन्होंने कृषक राजनीति को बदला और राष्ट्रीय चेतना को मज़बूत किया। BulletsIn 18वीं–20वीं सदी में













