जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य के संकट एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और मानव कल्याण को प्रभावित कर रहे हैं। IPBES की Nexus Assessment रिपोर्ट ने इन चुनौतियों का समाधान एक साथ करने की जरूरत बताई है।
BulletsIn
- जैव विविधता ह्रास और जलवायु परिवर्तन का मानव स्वास्थ्य पर गहरा असर।
- GDP वृद्धि, अतिप्रयोग, प्रदूषण और भूमि उपयोग में बदलाव मुख्य कारण।
- 71 नीतिगत विकल्प, जैसे पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण और प्रदूषण कम करना।
- अलग-अलग क्षेत्रों में बंटा हुआ प्रशासन संकटों को बढ़ा रहा है।
- 58% संक्रामक बीमारियाँ जलवायु खतरों से और गंभीर होती हैं।
- वैश्विक GDP का 50% ($58 ट्रिलियन) प्रकृति पर निर्भर।
- विलंबित जलवायु कार्रवाई से भूमि और संसाधनों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- स्वदेशी ज्ञान और उनके अधिकारों की रक्षा समाधान का हिस्सा।
- क्षतिग्रस्त क्षेत्रों को सब्सिडी में $1.7 ट्रिलियन का नुकसान।
- स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र जलवायु और स्वास्थ्य संकट कम करने में सहायक।





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