ऑस्ट्रेलिया और भारत ने उपग्रह, अंतरिक्षयान वापसी, अंतरिक्ष केंद्र, अनुसंधान, शिक्षा और उन्नत निर्माण से जुड़े पांच सहयोग समझौते किए।
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- ऑस्ट्रेलिया और भारत ने बेंगलुरु अंतरिक्ष प्रदर्शनी 2026 में पांच अंतरिक्ष क्षेत्रीय साझेदारियां घोषित कीं, जिससे आधारभूत संरचना और वाणिज्यिक गतिविधियां मजबूत हुईं।
- ऑस्ट्रेलियाई व्यापार और निवेश आयोग ने 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जिसमें पृथ्वी अवलोकन और पुनःप्रयोग योग्य अंतरिक्षयान से जुड़े संस्थान शामिल थे।
- लैटकनेक्ट सिक्स्टी ने न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता किया, जिससे स्विर्सैट अभियान के लिए भारतीय भूकेन्द्र सुविधाओं का उपयोग होगा।
- स्पेस एंजल समूह ने आंध्र अभियान के साथ अंतरिक्ष केंद्र गतिविधियों, अंतरिक्षयान परीक्षण और ऊंचाई आधारित परीक्षण अभियानों पर सहयोग तय किया।
- स्पेस एंजल समूह ने इनबाउंड एयरोस्पेस के साथ पुनःप्रयोग योग्य स्वायत्त अंतरिक्षयान की वापसी और सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण सामग्री लौटाने पर सहयोग किया।
- स्पेस एंजल समूह और रेड बैलून एयरोस्पेस ने भविष्य के वाणिज्यिक अंतरिक्ष अभियानों के लिए अंतरिक्षयान और खगोलीय संसाधनों की सुरक्षित वापसी पर साझेदारी की।
- पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय और भारतीय अंतरिक्ष उद्योग संघ ने शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग सहभागिता और ज्ञान आदान प्रदान के लिए सहयोग घोषित किया।
- ऑस्ट्रेलिया ने गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए अंतरिक्षयान निगरानी और वापसी सहायता में अपने सहयोग को रेखांकित किया।
- समझौतों से उपग्रह आधारभूत संरचना, अंतरिक्षयान वापसी, अंतरिक्ष केंद्र विकास, अनुसंधान साझेदारी और उन्नत अंतरिक्ष निर्माण में सहयोग बढ़ेगा।
- साझेदारियां ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों तथा संस्थानों के बीच वाणिज्यिक सहयोग बढ़ने और नई अंतरिक्ष तकनीकों के विकास को दर्शाती हैं।





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