आंध्र प्रदेश ने ₹22,000 करोड़ की ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 18 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को राज्य के बिजली ग्रिड से जोड़ा जाएगा। यह कदम राज्य को हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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- आंध्र प्रदेश ने 29 मई 2026 को ₹22,000 करोड़ की ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना की घोषणा की, जिसके तहत 18 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
- यह परियोजना ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III का हिस्सा है और इसमें सौर ऊर्जा तथा पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं पर फोकस किया गया है।
- इसमें लगभग 11 गीगावाट सौर ऊर्जा और 7 गीगावाट पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं से बिजली को जोड़ा जाएगा।
- योजना में 2,261 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें और 9,500 मेगावाट क्षमता वाले पाँच प्रमुख पूलिंग स्टेशन शामिल हैं।
- ये पूलिंग स्टेशन मुदिगुब्बा, तालुपुला, रामायपट्नम, पोरुमामिला और कोप्पाका में विकसित किए जाएंगे।
- आंध्र प्रदेश ने 160 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किया है।
- राज्य भारत की पहली डिजिटल ट्विन ग्रिड प्रणाली विकसित कर रहा है ताकि बिजली प्रबंधन को अधिक कुशल बनाया जा सके।
- यह परियोजना विशेष रूप से डेटा सेंटर और उद्योगों की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।





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