अहमदिया आंदोलन की स्थापना 1889 में पंजाब के कादियान में मिर्जा गुलाम अहमद द्वारा की गई थी। यह आंदोलन इस्लामिक शिक्षाओं के पुनरुद्धार, धार्मिक विचारों की तर्कसंगत व्याख्या और शांति तथा शिक्षा आधारित सामाजिक सुधार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू हुआ था।
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- अहमदिया आंदोलन की स्थापना 1889 में पंजाब के कादियान में मिर्जा गुलाम अहमद द्वारा की गई थी, जब भारत में धार्मिक सुधार आंदोलन सक्रिय थे।
- यह आंदोलन औपनिवेशिक भारत में ईसाई मिशनरी गतिविधियों और इस्लामिक बहसों के बीच एक सुधारवादी प्रतिक्रिया के रूप में उभरा।
- मिर्जा गुलाम अहमद ने स्वयं को मसीह और महदी घोषित किया और इस्लामिक शिक्षाओं के पुनरुद्धार का प्रयास किया।
- आंदोलन ने शांति, सहिष्णुता, शिक्षा और धार्मिक हिंसा के विरोध को प्रमुख सिद्धांत के रूप में अपनाया।
- अहमदिया विचारधारा मुख्यधारा इस्लाम से अलग मानी जाती है क्योंकि इसमें पैगंबरी की आध्यात्मिक निरंतरता की अवधारणा शामिल है।
- 1908 में मिर्जा गुलाम अहमद की मृत्यु के बाद आंदोलन का नेतृत्व खलीफा प्रणाली के माध्यम से आगे बढ़ा।
- 1914 में आंदोलन दो भागों में विभाजित हो गया, अहमदिया मुस्लिम समुदाय और लाहौर अहमदिया आंदोलन।
- वर्तमान में यह आंदोलन वैश्विक स्तर पर मानवीय कार्यों, शिक्षा और शांति स्थापना पर केंद्रित एक धार्मिक समुदाय के रूप में कार्य कर रहा है।





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