प्रतिनियोजित विधान वह प्रक्रिया है जिसमें कार्यपालिका कानून बनाती है।
यह शक्ति उसे विधायिका द्वारा दी जाती है।
भारत में संसद मूल ढांचा तय करती है।
तकनीकी नियम बाद में कार्यपालिका बनाती है।
BulletsIn
- संसद मूल कानून बनाती है
- कार्यपालिका को नियम बनाने की शक्ति
- शक्ति सक्षमीकरण अधिनियम से मिलती है
- इसे सहायक या अधीनस्थ विधान भी कहते हैं
- समय और संसाधनों की बचत
- तकनीकी विषयों में उपयोगी
- आपात स्थिति में तेज़ निर्णय संभव
- विशेषज्ञता की कमी की भरपाई
- अत्यधिक delegation से लोकतंत्र को खतरा
- विधायिका की भूमिका कमजोर हो सकती है





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