सैडलर आयोग, जिसे कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग भी कहा जाता है, 1917 से 1919 तक कार्यरत रहा।
इसका गठन कलकत्ता विश्वविद्यालय की जाँच के लिए हुआ था, लेकिन पूरे भारतीय शिक्षा तंत्र का अध्ययन किया गया।
उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा को मजबूत कर विश्वविद्यालयों में सुधार करना था।
BulletsIn
- ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित; अध्यक्ष माइकल ई. सैडलर
- शुरुआत में कलकत्ता विश्वविद्यालय पर केंद्रित
- बाद में स्कूल से विश्वविद्यालय तक शिक्षा की समीक्षा
- इंटरमीडिएट शिक्षा को विश्वविद्यालयों से अलग करने की सिफारिश
- स्वतंत्र इंटरमीडिएट कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव
- माध्यमिक और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड बनाने की सलाह
- विश्वविद्यालय नियमों में लचीलापन सुझाया
- आवासीय विश्वविद्यालय प्रणाली पर जोर
- मातृभाषा को शिक्षण माध्यम बनाने की सिफारिश
- महिला शिक्षा के लिए विशेष बोर्ड और पाठ्यक्रम प्रस्तावित





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