निवारक निरोध में किसी व्यक्ति को भविष्य के खतरे की आशंका पर हिरासत में लिया जाता है।
भारत में यह व्यवस्था राज्य सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए संविधान द्वारा मान्य है।
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अपराध से पहले हिरासत, भविष्य की आशंका पर
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अनुच्छेद 22 के तहत निवारक निरोध की अनुमति
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निरोध कानून बनाने का अधिकार संसद को
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तीन माह तक बिना सलाहकार बोर्ड के निरोध
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विस्तार के लिए सलाहकार बोर्ड की मंजूरी आवश्यक
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राज्य सुरक्षा, कानून व्यवस्था प्रमुख आधार
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NSA 1980, COFEPOSA 1974 जैसे कानून लागू
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सुप्रीम कोर्ट ने इसे दंड नहीं, रोकथाम बताया
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बंदी प्रत्यक्षीकरण और प्रतिनिधित्व का अधिकार
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व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर प्रभाव को लेकर आलोचना





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