पोलिगरों का विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ शुरुआती सशस्त्र आंदोलनों में से एक था। यह विद्रोह मुख्य रूप से तमिलनाडु में 18वीं सदी के अंत और 19वीं सदी की शुरुआत में हुआ। पोलिगर या पालयकार स्थानीय शासक थे, जिन्होंने ब्रिटिश कर नीति और सत्ता हरण का विरोध किया। यह विद्रोह औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध प्रारंभिक संगठित प्रयास था।
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- पोलिगरों का विद्रोह दक्षिण भारत में
- मुख्य क्षेत्र: वर्तमान तमिलनाडु
- समयकाल: 1799 से 1805
- पोलिगर स्थानीय सैन्य शासक थे
- ब्रिटिश कर व्यवस्था का विरोध
- पारंपरिक अधिकार छिनने से असंतोष
- वीरपांड्य कट्टाबोमन प्रमुख नेता
- ब्रिटिश सेना द्वारा दमन
- पोलिगर व्यवस्था समाप्त की गई
- प्रारंभिक राष्ट्रवादी प्रतिरोध का प्रतीक





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