येल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक को जैव-ईंधन में बदलने की नई तकनीक विकसित की है। यह प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सस्ती है, जो भविष्य में असीम ऊर्जा स्रोत बन सकती है।
BulletsIn
- प्लास्टिक कचरे से बायो-ऑयल बनाने की तकनीक
- सामान्य उपज ~60%, येल विधि से बढ़कर 66%
- बिना कैटलिस्ट प्रक्रिया, लागत कम
- 3डी-प्रिंटेड कार्बन कॉलम रिएक्टर का प्रयोग
- सस्ते कार्बन फेल्ट से भी ~56% उपज मिली
- बायो-ऑयल से बॉयलर, टर्बाइन, ट्रक, जहाज चल सकते हैं
- उम्मीद: जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी
- बड़ी चुनौती: ज्यादा ऊर्जा खर्च, CO₂ उत्सर्जन
- आलोचना: “पायरोलिसिस तेल कंपनियों की कहानी”
- फिर भी खोज से स्वच्छ और टिकाऊ रिसाइक्लिंग की राह खुली





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